धीरज रखिए सर

 धीरज रखिए सर


एक बार मुल्ला एक अखबार में काम करता था, अखबार के संपादक ने मुल्ला को बुलाया और कहने लगा, ’’कल के लिए कोई भी न्यूज़ नहीं है। पिछले बीस घंटों से शहर में कोई भी दंगा-फसाद या लूट-मार नहीं हुई है। मुल्ला ने संपादक को ढांढस बंधाते हुए कहा, ’’ सर, धीरज रखिए, आपको इंसान की फितरत पर विश्वास जरूर होना चाहिए, देखना कुछ न कुछ अवश्य ऐसा घटेगा जो हमारी न्यूज बनेगा।’’

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